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नौ दिनों तक मां दुर्गा के मंत्रों का जाप करें।

त्रिपुर सुंदरी : श्री ह्रीं क्लीं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क्रीं कए इल ह्रीं सकल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं नम:।

पूर्ण विधि के अनुसार शुभ मुहूर्त में कलश को स्थापित करें। 

यह समय आत्मज्ञान और ईश्वर के करीब जाने का अवसर प्रदान करता है।

हर दिन अलग-अलग देवी का आह्वान और मंत्र जाप करें।

गुप्त नवरात्रि हिंदू सनातन धर्म में अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक समय मानी जाती है। यह नवरात्रि विशेष रूप से गुप्त साधनाओं, तांत्रिक अनुष्ठानों, और महाविद्या की उपासना के लिए मनाई जाती है। इसे गुप्त इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसकी साधनाएं और अनुष्ठान गुप्त रूप से किए जाते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य आत्म-शुद्धि, शक्ति संचय और देवी के विभिन्न स्वरूपों की आराधना करना है।

गुप्त नवरात्रि अंतिम दिन दुर्गा पूजा के बाद घट विसर्जन करें। 

Gupt Navratri is particularly important for many who are deeply involved with the sector of tantra, yoga, mantra, and sadhana. This is the best time to attain achievements in Exclusive sadhana and also to get blessings from the Guru.

अखंड दीपक जलाएं और नौ दिनों तक जलने दें।

इसमें पहले कलश को गंगा जल से भरें, उसके मुख पर आम की पत्तियां लगाएं और उस पर नारियल रखें। 

साधक को मनोवांछित सिद्धियां और फल प्राप्त होते हैं।

देवी पूजन की सभी सामग्री को एकत्रित करें। पूजा की थाल सजाएं।

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गुप्त नवरात्रि का यह पावन समय साधकों के लिए एक नई Isi liye ise “Karm Reset Window” kaha jaata hai. ऊर्जा और प्रेरणा लेकर आता है। इसका पालन श्रद्धा और नियम के साथ करने से जीवन में अद्भुत परिवर्तन संभव है।

* हर तरह की बुरी आत्माओं से माता काली रक्षा करती हैं।

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